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07 January, 2013

किन्तु वक्त की शान, परीक्षा पहले लेकर-

Rakesh Kumar ने Sobhagya Singh Inda का चित्र साझा किया

टीचर मुद्दत से सिखा, रहे अनोखी सीख  |
वक्त सिखाये भी यही, किन्तु नहीं दे भीख | 

किन्तु नहीं दे भीख, ज्ञान देकर के टीचर |
इम्तिहान ले रहा, पास भी होता रविकर |

किन्तु वक्त की शान, परीक्षा पहले लेकर |
दे जाता है सीख, बड़ा अलबेला टीचर ||

2 comments:

  1. ये तो सीखने वाले पर निर्भर करता है वक्त के थपेड़ो से सीखेगा या ज्ञानी लोगो से ,वैसे सीख तो पल -पल के अच्छे बुरे अनुभवों से ही चिरस्मरणीय हो पाती है

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