(दोपहर में एक स्टूडेंट की आवाज पड़ी कान में -चलो यार ढाल पर पप्पियाँ झप्पियाँ मारते हैं-)
मारो झप्पी ढाल पर, लूटो पप्पी एक ।
मारो झप्पी ढाल पर, लूटो पप्पी एक ।
लाइफ़ सेट हो जायगी, हो जाए बी टेक ।
हो जाए बी टेक, कहीं री-टेक एक दो ।
बन्दे कैसी फ़िक्र, बड़े ब्रिलिएंट आप हो ।
खुद को ऐसा ढाल, ढाल पर साल गुजारो ।
प्लेसमेंट तो फिक्स, क्लास को गोली मारो ॥