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27 February, 2013

प्लेसमेंट तो फिक्स, क्लास को गोली मारो-

 (दोपहर में एक स्टूडेंट की आवाज पड़ी कान में -चलो यार ढाल पर पप्पियाँ झप्पियाँ मारते हैं-)
 मारो झप्पी ढाल पर, लूटो पप्पी एक । 
लाइफ़ सेट हो जायगी, हो जाए बी टेक । 

हो जाए बी टेक, कहीं री-टेक एक दो । 
बन्दे कैसी फ़िक्र, बड़े ब्रिलिएंट आप हो । 

खुद को ऐसा ढाल, ढाल पर साल गुजारो । 
प्लेसमेंट तो फिक्स,  क्लास को गोली मारो ॥

6 comments:

  1. ये भी स्टेटस सिंबल है कॉलेजस में आजकल...
    क्या सोचकर माँ-बाप बच्चों को पढ़ने भेजते हैं... और वो......
    ~सादर!!!

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  2. सर जी क्या खूब ,जोरदार

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  3. Bechare mata pita jo n jane kis kis umeed se unhen itna kharch kar pet kat kar wahan padhne bhejte haen?

    EK VICHARNIYA PRASTUTI

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  4. हा हा हा हा हा | बहुत उम्दा गुरूजी | प्रणाम

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