Showing posts with label आशीर्वाद. Show all posts
Showing posts with label आशीर्वाद. Show all posts

28 February, 2016

देना हे भगवान, उसे भी बोदा लड़का-

बोदा लड़का घूमता, छुटका किन्तु सयान।
गाली खाए नित्य यह, बनता वह विद्वान ।

बनता वह विद्वान, विलायत पढ़ने जाता। 
व्याही गोरी मेम, वहीँ पर नाम कमाता |

रविकर अब असहाय, करे सेवा यह बड़का ।
दे देना प्रभु एक, उसे भी बोदा लड़का ||

दोहा 
अंकुश लगता पाप पर, चले पुण्य से राज्य |

अहंकार पर पुण्य का, सदा सर्वदा त्याज्य ||

08 April, 2012

दूँ उसको आशीष, होय इक बोदा लड़का-

बोदा लड़का था बड़ा, पर छुटका विद्वान ।
मार-पीट घूमे-फिरे, सारा घर उकतान ।

सारा घर उकतान, करूँ नित मार कुटाई । 
छुटका बसा विदेश, पूर कर बड़ी पढ़ाई ।

रविकर बूढ़ी देह, सेवता घर-भर बड़का ।
बड़के को आशीष, होय इक बोदा लड़का ।।

28 February, 2012

रविकर आशीर्वाद, नए जोड़े को देता ।

कुंडली
अच्छे अच्छे लाल से, सीखे सकल समाज ।
सामूहिक दुष्कर्म से, मरे मनुजता लाज ।

मरे मनुजता लाज, दोष क्या उसका भैया ?
चला बराती साज,  वरे दुल्हन को  सैंया ।

रविकर आशीर्वाद, नए जोड़े को देता ।
रहे सदा आबाद, बलैयाँ बम-बम लेता । 

दोहा
   मरे मीडिया मुहुर्मुह, तड़क-भड़क पर रोज ।
 पहल अनोखी को भला, कैसे लेवे खोज ??