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05 December, 2013

आया गाँधी एक, जियो नेल्सन मंडेला-



डेला गोरों के बंधा, रहा मरकहा जीव । 
कालों को मारा किया, दुःख दुर्दशा अतीव । 

दुःख दुर्दशा अतीव, नींव के अनगढ़ पत्थर ।
चोट खाय के मनुज, बैठ जाते थे थककर ।

दिला दिया सम्मान, हिलाया देश अकेला । 
आया गाँधी एक, जियो नेल्सन मंडेला ॥