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26 July, 2011

घनाक्षरी

घन घड़-घडात बा , रोज बरस जात बा,
ताल नद अघात बा , पानी घनघोर बा |

अतड़ी कुलबुलात, रोज कमा रोज खात,
कहीं नहीं अन्न पात, थका पोर-पोर बा |

जमींदार, साहूकार, देवें नाहीं एहि बार,
हवालाते पड़े - सड़े, पक्का जमाखोर बा |  

नैनी हो या मुक्तसर, गेहूं सड़ा रोड पर,
चहुँ ओर भुखमरी, खाद्य-मंत्री ढोर बा ||

20 comments:

  1. आप की घनाक्षरी जोरदार है और समस्या पूर्ति की ऐतिहासिक पोस्ट का हिस्सा है


    घनाक्षरी समापन पोस्ट - १० कवि, २३ भाषा-बोली, २५ छन्द

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  2. नैनी हो या मुक्तसर, गेहूं सड़ा रोड पर,
    चहुँ ओर भुखमरी, खाद्य-मंत्री ढोर बा ||
    कमाल कमाल कमाल। आपका हर ब्लाग कमाल का है पहली बार देखे आज सभी ब्लाग। बधाई आपको।

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  3. अहा हा...अद्भुत रचना है..शब्द शब्द सच्चाई बयां करती हुई...
    नीरज

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  4. शब्दों का अद्भुत समावेश .....बहुत खूब

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  5. बहुत खूब लिखा है .....

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  6. आहा .. ये तो नवीन जी के ब्लॉग पर भी पढ़ा ... गज़ब का शब्द संयोजन किया है अओने दिनेश जी ... मज़ा आ गया ...

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  7. कमाल लिखते है आप....घनघोर शब्द बरसा दिए है....

    सुन्दर

    आदर सहित

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  8. सुन्दर रचना. आभार.

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  9. आज 28 07- 2011 को आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है .....


    ...आज के कुछ खास चिट्ठे ...आपकी नज़र .तेताला पर
    ____________________________________

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  10. शब्द-शब्द घनघनात बा ...!!
    बहुत सुंदर ..!!

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  11. सुन्दर रचना।

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  12. बेहद सटीक शब्द भेदी बाण सत्ता के कानों पर जूँ रेंगे न रे .

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  13. Bahut hi sundar
    naya hu,aap sab ka sahiyog
    link: http//bachpan ke din-vishy.blogspot.com/

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  14. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
    चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  15. बहुत ही सुन्दर....

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  16. aapka bhi jabab nahi hai..aapki racnayein kai baar padhne ka man karta hai..sadar pranam ke sath

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  17. bhaut hi sundar shabd rachna...

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  18. kin shabdo me tarif karo...shbda nahi mil rahe hai ....dam-damkat ba kavita jordar hai

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