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08 September, 2011

यहाँ करे यस मैम वहाँ क्यूँ बोला मोहन ?

मोहन करता  दंडवत, सम्मुख  पिद्दी  देश,
देकर एकड़  चार  सौलौटा  आज  स्वदेश |

लौटा आज स्वदेश, पाक को कितना हिस्सा,
काश्मीर   का   देत,  बता  दे  पूरा  किस्सा | 


रही  सोनिया  डांट,  करे  न  मेरा  *जोहन,          *(इन्तजार)
यहाँ करे यस-मैम, वहाँ  क्यूँ  बोला मोहन ??

11 comments:

  1. अब कभी कभी तो बोलने देना चाहिए ... सटीक व्यंग

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  2. बहुत सही...सटीक...मारक...

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  3. बहुत खूब कही है ...

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  4. यही तो सियासत का खेल है ....

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||

    सादर बधाई ||

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  6. क्या बात है अच्छी खबर ली काग भगोड़े की .ये नोबेल शान्ति पुरूस्कार के लिए देश बेच देंगें .उस पाक से दोस्ती निभायेंगें ,जिसके तमाम रिश्ते सभी से नापाक हैं .jahaan aatankvaadi bhi "pro "और "Anti -Pak " .
    शनिवार, १० सितम्बर २०११
    अब वो अन्ना से तो पल्ल्ला छुडा रहें हैं .

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