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09 April, 2012

तरह तरह की दिल्ली दीमक, सूखी रूखी गीली दीमक ।

  • Dampwood Termites

    दीमक दर दीवार चाटती 
    सत्ता का दीवान चाटती ।
    बड़ी दिलावर चुपके खुलके 
    तंतु-तंत्र ईमान चाटती ।।

  • drywood termites
    तरह तरह की दिल्ली दीमक 
    सूखी रूखी गीली दीमक ।
    दूर-दूर से चुनकर आती 
    खोका पेटी लीली दीमक ।।
  • formosan termite
    ऊंचे-नीचे सदन विराजे ।
    नौकर सैनिक स्वजन विराजे ।
    निज काया से बढ़कर खाए 
    पांच साल तक तूती बाजे ।।

     
  • subterranean termites
    कागज़ पर जो सजे मसौदे ।
     सौदे करके बने घरौंदे ।
    सैनिक दीमक रंग रूट वे
    खुद अपने बूटों से रौंदें ।।

     
      Picture of Termite vs. Flying Ant 
     
  • उर्वर क्षमता से भर-पूर ।
    रहा कलूटा रानी घूर-
    इक संसर्गी सत्र बीतता-
    न्यू-कालोनी बसी सुदूर ।।

    Termite Queen
    रानी
    रानी होती हाइ-कमान  ।
    सबसे बढ़ के उसका मान  ।
    कालोनी आबाद कराये-
    बढे-चढ़े नित उसकी शान ।। 

है दीमक का सपना एक ।
घर की लक्कड़ अपना केक ।
ललचाई नजरों से ताके -
रानी चले लकुटिया टेक ।

कालोनी की अपनी रानी।
अपने मन की रेल बनानी ।
मृत्यु दंड देती है झट-पट -
करे अगर कोई मनमानी ।। 


छोटी  मोटी खोटी दीमक ।
बड़ी-अड़ी नखरौटी दीमक ।
चारो खम्भों में लग करके-
चाटे बोटी-बोटी दीमक ।

 

    9 comments:

    1. रानी
      रानी होती हाइ-कमान ।
      सबसे बढ़ के उसका मान ।
      कालोनी आबाद कराये-
      बड़ी आलसी सबकी शान ।।
      अच्छा व्यंग है
      kalamdaan.blogspot.in

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    2. esharo hi esharo mein bahut kuch kh diya hai aapne..lajawab.....

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    3. बड़े दीमक तो जन्मजात स्प्रे-रेजिस्टेंट हैं।

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    4. रविकर जी भी कमाल करते है हकीकत को अपने शब्दों में ब्यान करते है।

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    5. हमको तो लगता है आप सोचते, बोलते और बतियाते भी कविता में ही होंगे।
      प्रस्तुत पद्य में अनुप्रस की छटा मन मोहती है।

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    6. अगर लेबल भी नहीं होता ,
      तो भी यह सियासत समझ आती !

      अच्छे बिम्ब दिखाए हैं !

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    7. आगे दीमक ,पीछे दीमक ,लोकतंत्र को चाटे ,दीमक ,

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    8. आगे दीमक ,पीछे दीमक ,लोकतंत्र को चाटे ,दीमक ,

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    9. आगे दीमक ,पीछे दीमक ,लोकतंत्र को चाटे ,दीमक ,
      लोक तंत्र के पाए चाटे ,नित नित ,तान सुनाये दीमक ,

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