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11 April, 2012

ज्ञानी बतलाने गया, दुष्ट करे तकरार

दोषों को जाने नहीं, त्रुटियों पर इनकार ।
ज्ञानी बतलाने गया, दुष्ट करे तकरार ।

दुष्ट करे तकरार, योग्यता न होते भी ।
भड़के मुक्का मार, चलाए चर-फ़र जीभी ।

ज्ञान गंग अति-दूर, हकीकत को ना माने ।
बन सकता विद्वान, अगर दोषों को जाने ।।

5 comments:

  1. दुष्ट अगर अपने दुर्गुण पहचानने लगे तो वह दुष्ट रहेगा ही नहीं ....सुन्दर प्रस्तुति..

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  2. कल 13/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  3. दोषों को जान लें तो बात ही क्या ... सटीक और सार्थक रचना

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