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13 September, 2012

गैस सिलिंडर चलेगा पूरे दो महीने : है न उपाय-

 दाने खा लो अंकुरित, पी लो सत्तू घोल ।
पाव पाइए प्रेम से, ब्रेड पैकेट लो मोल ।
ब्रेड पैकेट लो मोल, लंच में माड़-भात खा ।
काटो मस्त सलाद, शाम को मूढ़ी चक्खा । 
चाय बना इक बार, डालिए  हॉट पॉट में ।
फास्ट फूड दो मिनट, पकाओ एक लाट में ।।


आशा है मेहमान की, होना नहीं निराश ।
खिला बताशा दे पिला, पानी बेहद ख़ास ।
पानी बेहद ख़ास, पार्टी उससे मांगो ।
करिए ढाबा विजिट, शाम को बाहर भागो ।
ख़तम होय न गैस, गैस काया में पालो ।
न तलना ना भून, सदा हर चीज उबालो  ।।

मा मू ली   बा पु-रा-जमा, जल डी-जल जंजाल ।
गैस सिलिंडर सातवाँ, छील बाल की खाल ।
छील बाल की खाल, सुबह का हुआ नाश्ता ।
चार चने की दाल, लंच में चले पाश्ता ।
फास्ट फूड ब्रेड जैम,  किचेन माता जी भूली ।
मूली गाजर काट,  बने  मुश्किल  मामूली ।

आग लगे डीजल जले, तले *पकौड़ी पन्त -

चाटुकार *चंडालिनी, चले चाट सामन्त । 
आग लगे डीजल जले, तले *पकौड़ी पन्त ।

तले पकौड़ी पन्त, कीर्ति मँहगाई गाई ।
गैस सिलिन्डर ख़त्म, *कोयला पूरा भाई ।

*इडली अल्पाहार, कराये भोजन *जिंदल ।
इटली *पीजा रात, मने *जंगल में मंगल ।।
प्रश्न : तारांकित शब्दों के अर्थ बताएं ।।

बने नहीं पर न्यूज, लाख मारे मँहगाई

बावन शिशु हरदिन मरें, बड़ा भयंकर रोग ।
खाईं में जो बस गिरी, उसमें बासठ लोग ।

उसमें बासठ लोग, नाव गंगा में डूबी ।
दंगे मार हजार, पुलिस नक्सल बाखूबी ।

गिरते कन्या भ्रूण, पड़े अब खूब दिखाई ।
बने नहीं पर न्यूज, लाख मारे मँहगाई ।।

11 comments:

  1. बढ़िया पकवान बनाए हो !

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  2. बड़े अच्छे लिंक्स और टिप्पणियाँ.
    बधाई .

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  3. आपके सुजाव ही मानने होंगे.!!.इस महंगाई में .!!! :))

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    From India

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  5. कृपया इसे PMO एवं मोंटेक सिंह को ई-मेल कर दें।

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  6. बहुत सही कहा आपने। बधाई!

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  7. बढ़िया :)
    वैसे वैकल्पिक रूप से चारा खा सकते हैं, घूस खा सकते हैं, गर्म 2 जी पी सकते हैं और अभी तो लाल गर्म कोयला भी चट कर सकते हैं...

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  8. रविशकंर सर से पुरी तरह सहमत.

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  9. आशा है मेहमान की, होना नहीं निराश ।
    खिला बताशा दे पिला, पानी बेहद ख़ास ।
    पानी बेहद ख़ास, पार्टी उससे मांगो ।
    करिए ढाबा विजिट, शाम को बाहर भागो ।
    ख़तम होय न गैस, गैस काया में पालो ।
    न तलना ना भून, सदा हर चीज उबालो ।।
    व्यंजना का ज़वाब नहीं .

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  10. हाहा... आपकी कविताएँ हमेशा कातिल होती हैं...

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