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21 November, 2012

गुरु-घंटालों मौज हो चुकी, जल्दी ही तेरा भी तीजा-रविकर

बुरे काम का बुरा नतीजा |
चच्चा बाकी, चला भतीजा ||

गुरु-घंटालों मौज हो चुकी-
जल्दी ही तेरा भी तीजा ||

गाल बजाया चार साल तक -
आज खून से तख्ता भीजा ||

लगा एक का भोग अकेला-
महाकाल हाथों को मींजा ||

चौसठ लोगों का शठ खूनी -
रविकर ठंडा आज कलेजा ||


शुरू कहानी जब हुई, करो फटाफट पूर ।
झूलें फांसी शेष जो, क्यूँ है दिल्ली दूर ??
क्यूँ है दिल्ली दूर, कड़े सन्देश जरूरी ।
एक एक निपटाय, प्रक्रिया कर ले पूरी 
कुचल सकल आतंक, बचें नहिं पाकिस्तानी ।
सुदृढ़ इच्छा-शक्ति, हुई अब शुरू कहानी ।।

 



4 comments:

  1. हिस्से की फसल बह गई ! मन की बतिया मन में रह गई !!


    21 NOVEMBER, 2012
    गुरु-घंटालों मौज हो चुकी, जल्दी ही तेरा भी तीजा-रविकर
    बुरे काम का बुरा नतीजा |
    चच्चा बाकी, चला भतीजा ||

    गुरु-घंटालों मौज हो चुकी-
    जल्दी ही तेरा भी तीजा ||

    गाल बजाया चार साल तक -
    आज खून से तख्ता भीजा ||

    लगा एक का भोग अकेला-
    महाकाल हाथों को मींजा ||

    चौसठ लोगों का शठ खूनी -
    रविकर ठंडा आज कलेजा ||

    घड़ा. भर चुका कांग्रेस का अब फूटा और तब फूटा .बहुत बढ़िया रविकर भाई .

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  2. अभी तो बहुत बाकी हैं!

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