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20 April, 2013

दारुण-लीला होय, नारि की अस्मत लीला-





दाग लगाए दुष्टता,  पर दिल्ली दिलदार
 शील-भंग दुष्कर्म पर,  चुप शीला-सरकार । 
 
चुप शीला-सरकार, मिनिस्टर सन्न सुशीला । 
दारुण-लीला होय, नारि की अस्मत लीला । 

नीति-नियम कानून, व्यवस्था से भर पाए । 
पुलिस दाग के तोप, दाग पर दाग लगाए ॥ 



टैग लगी लाइन मिली, लिख दिल्ली दिलदार -

दिल्ली में पर्यटन का, करना है विस्तार । 
टैग लगी लाइन मिली, लिख दिल्ली दिलदार । 
लिख दिल्ली दिलदार, छुपा इतिहास अनोखा । 
किन्तु रहो हुशियार, यहाँ पग पग पर धोखा । 
लूट क़त्ल दुष्कर्म, ठोकते मुजरिम किल्ली । 
रख ताबूत तयार, रिझाए दुनिया दिल्ली ॥ 

9 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (21-04-2013) के चर्चा मंच 1220 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

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  2. sahi hai nikaammi hai sheela ki sarkar ..

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  3. सचमच देश का दुर्भाग्य है कि लज्जाहीन समाज का दुस्साहस बढाता जा रहा है !
    मन में चुह्बता शूल सा,यह पैशाचिक कृत्या |
    बार बार दोहरा चुका, दिल्ली नगर कुकृत्य ||

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  4. नीति, नियम, कानून सब हैं पर निकम्मी सरकार में इच्छा शक्ति नहीं है

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  5. सारी सृष्टि ही विकार ग्रस्त हो गई है आत्मा जंग लगा लोहा बन गल रही है .धत कर्म का भी जल्दी सर्वनाश होगा ,पुलिसिया एहंकार का भी .आखिर वर्दी धारी ACP का युवती को चांटा मारना भी अब रंग दिखाएगा ही .

    लूट क़त्ल दुष्कर्म, ठोकते मुजरिम किल्ली ।
    रख ताबूत तयार, रिझाए दुनिया दिल्ली ॥

    सटीक चित्रण शब्द श :

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