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10 December, 2013

अभी अपेक्षा आप, करो दिल्ली की पूरी-

नकारात्मक गुण छिपा, ले ईमान की आड़ । 
व्यवहारिकता की कमी, दुविधा रही बिगाड़ । 

दुविधा रही बिगाड़,  तर्क-अभिव्यक्ति जरुरी । 
अभी अपेक्षा आप, करो दिल्ली की पूरी । 

पानी बिजली सहित, प्रशासन स्वच्छ सकारा । 
वायदे करिये पूर, अन्यथा कहूं नकारा ॥  

3 comments:

  1. ईश्वर करे, शीघ्र 'दिल्ली' में कोई मसीहा आये !
    यत्न करे, संघर्ष करे फिर नव परिवर्तन लाये ||
    राजनीति में संशोधन कर इस को शुद्ध बनाए
    न्याय -नीति का सब को उज्जवल उतम पन्थ बताए ||

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