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13 December, 2013

जुड़े केजरीवाल से, पाने लगे सलाम-

*सत्तारी बैठे रहे, तब सत्ताइस आम |
जुड़े केजरीवाल से, पाने लगे सलाम |
*फुर्सत में 

पाने लगे सलाम, काम दे देती दिल्ली |
लेकिन कई कुलीन, उड़ाते इनकी खिल्ली |

रविकर करे सचेत, छेड़ मत मधु का छत्ता |  
आये इनके हाथ, आज-कल में ही सत्ता ||

5 comments:

  1. क्‍या खूब है।

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  2. 'गीता-जयन्ती' का का पर्व आप को मंगल- मय हो !
    एक रोचक रचना के लिये आप को वधाई !
    मेरे ब्लॉग 'प्रसून' पर श्रीमद्भगवद्गीता गीता पर कुछ नए विचार देखें !!

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