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21 February, 2014

नमो न मो दी गैस नूँ , आग लगा के भाग-

बानी केजरि वाल की, प्रश्न रही है दाग |
नमो न मो दी गैस नूँ , आग लगा के भाग |

आग लगा के भाग, भाग सरकार छोड़ के |
गुणा-भाग में लाग, नियम कानून तोड़ के |

है सांसत में जान, बिगाड़े राम-कहानी |
जीत नहीं आसान, करेगा क्या अम्बानी ||

3 comments:

  1. गजब सांसत आन पड़ी।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (23-02-2014) को " विदा कितने सांसद होंगे असल में" (चर्चा मंच-1532) पर भी होगी!
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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