Follow by Email

24 March, 2011

गुल का अर्थ है- केवल दाग

रे पुष्पराज-
सुगंध तेरी पा
सम्मोहित सी मैं
कर कांटो की अनदेखी 
आत्मविश्वास से लबरेज 
तेरे पास आ गई -
और धोखा  खा गई .
तूने छल-कपट से 
धर-पकड़ कर 
गोधूलि के समय 
कैद कर लिया 
व्यभिचार भी किया 
सुबह होने पर धकेल दिया 
कटु-सत्य !
तू तो महा धूर्त है.
मद-कण से युक्त महालोलुप है .
तेरे गुल का अर्थ है-
केवल दाग
सरसों का सौंदर्य देख-
संसार को देता है सुगंध  और स्वाद

 

No comments:

Post a Comment