Follow by Email

23 June, 2011

हौले - हौले बरसे नैना |

नेह-निमंत्रण 
परसे*  नैना  |           *परोसना 
जन्म-जन्म के 
करषे*  नैना | |          *आकर्षित    

प्रियतम को अब
तरसे    नैना  |
कितने  लम्बे-
अरसे   नैना ||

हौले  -  हौले 
बरसे    नैना |
जाते अब तो 
मर से  नैना  ||

अब आये क्यूँ   
घर  से  नैना |    
जरा जोर से 
हरसे  नैना ||
जरा इन्हें भी देख लीजिये  ---
 कोख नोचते कुक्कुर-चीते - 

16 comments:

  1. To,
    Smart Indian - स्मार्ट इंडियन
    हरसे नैना ||

    ReplyDelete
  2. बेहतरीन शब्‍द रचना ।

    ReplyDelete
  3. महोदया |
    हरसे नैना ||

    ReplyDelete
  4. नैना डस लेंगे..... वाह वाह.

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति..

    ReplyDelete
  6. प्रियतम को अब
    तरसे नैना |
    कितने लम्बे-
    अरसे नैना ||

    bahut khoob bhav prashuti :)

    _______________________________
    मैं , मेरा बचपन और मेरी माँ || (^_^) ||

    क्या मुझे प्यार का सलीका भी नहीं आया था ?? || मनसा ||

    ReplyDelete
  7. बेहद ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना!

    ReplyDelete
  8. बिम्ब प्रयोग दर्शनीय है...कोमल भावों को मनमोहक अभिव्यक्ति दी है आपने...

    बहुत ही सुन्दर रचना...

    ReplyDelete
  9. कीर्ति जी , सिंह स डी म जी, शालिनी जी, मनीष जी , बबली जी और रंजना जी बहुत-बहुत आभार |

    हरसे नैना ||

    ReplyDelete
  10. मेरे नैना, तेरे नैना, उसके नैना,

    ReplyDelete
  11. वाह क्या कहना, नैना ही नैना |

    शुभ शुभ बीते ये रैना ||

    ReplyDelete
  12. बेहद ख़ूबसूरत रचना

    ReplyDelete
  13. इसके नैना उसकें नैना
    नैना जुड़ कर हरसे नैना ...

    सुन्दर शब्द प्रयोग !

    ReplyDelete
  14. वाणी गीत और कुश्वंश जी बहुत-बहुत आभार |

    हरसे नैना ||

    ReplyDelete