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18 October, 2011

कहे केजरीवाल, माफ़ है तेरा जूता |

बूता है तो आइये, कर लें दो-दो हाथ |
छापामारी कला का, लेते हो क्यूँ साथ ?
File:Arvind Kumar Kejriwal.jpg
लेते हो क्यूँ साथ, पोल-पट्टी सब खुलती |
हमला करके आज, करी है भैया गलती |
Arvind Kejriwal's attacker
कहे केजरीवाल, माफ़ है तेरा जूता |
भ्रष्टाचारी लोग, सामने आ गर बूता ||

12 comments:

  1. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित--
    पाठको की राय

    करप्शन के विरोध में गोली खाने को भी तैयार हैं: टीम अन्ना

    dinesh gupta,'ravikar',ISM Dhanbad,का कहना है:
    **बूता है तो आइये, कर लें दो-दो हाथ |
    **छापामारी कला का, लेते हो क्यूँ साथ ?
    **लेते हो क्यूँ साथ, पोल-पट्टी सब खुलती |
    **हमला करके आज, करी है भैया गलती |
    **कहे केजरीवाल, माफ़ है तेरा जूता |
    **भ्रष्टाचारी लोग, सामने आ गर बूता ||

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  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  3. सरकार की चाल चल गयी ..जनता का जोश ठंडा हो गया .. जो आवाज़ उठाएगा उसे ऐसे ही परेशान किया जायेगा

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  4. सटीक और सार्थक लिखा है आपने ..

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  5. सुन्दर व्यंग्य.. बहुत प्रभावकारी

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  6. दो दो हाथ कर नही सकते सो छापामारी का ही सहारा लेंगे ।

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  7. भ्रष्टाचारियों पर आपने अपनी तरफ से दे दिया है घुमा के !

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  8. न मचान नज़र आयेंगे, न कमान नज़र आयेंगे
    बस तीर फेंकते कुछ हाथ, अनजान नज़र आयेंगे

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  9. प्रिय रविकर जी वाह वाह क्या बात है ..आप टी वी पर होते तो मेरा ताली बजाना भी सब देखते ..गजब ललकारा ..गांधीगिरी और माफ़ी और एक तमाचा उस गाल पर .अब किरण वेदी से बचत का हिसाब ...हर कर्म करके छोड़ेंगे ये .....दिवाली की हार्दिक शुभ कामनाएं अग्रिम रूप से ...
    भ्रमर ५

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