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21 October, 2011

पतित-उधारन बहन, बनी जो निर्मल-गंगा

मुंबई ।। अपनी नव विवाहिता पत्नी को धोखे से वेश्यालय में बेचने की कोशिश कर रहे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पति की कुटिल चालों से अनजान पत्नी को वहां की कॉल गर्ल्स ने ही बचाया---
पतित-पतंगा यह पती, धरती पर बड़-बोझ |
ऐसे  कुत्तों  को करें,  अल्लाह-मियां  सोझ |

अल्लाह-मियां सोझ,  कुकर्मी फल पायेगा |
मिली बहन अनजान, खुदा खुशियाँ लाएगा |

पतित-उधारन बहन,  बनी जो निर्मल-गंगा |
उसका जीवन धन्य,  सड़ेगा पतित-पतंगा ||

12 comments:

  1. अल्लाह-मियां सोझ, कुकर्मी फल पायेगा |
    मिली बहन अनजान, खुदा खुशियाँ लाएगा |

    बहुत सही और अच्छा लिखा है सर!

    सादर

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  2. पतित-उधारन बहन, बनी जो निर्मल-गंगा |
    उसका जीवन धन्य, सड़ेगा पतित-पतंगा ||

    ....बहुत शर्मनाक स्तिथि...बहुत सटीक और सार्थक अभिव्यक्ति..

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  3. वाह! बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति.....
    सादर....

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  4. नवभारत टाइम्स में-
    ravikar,ISM Dhanbad,का कहना है:पतित-पतंगा है पती, धरती पर बड़-बोझ | ऐसे कुत्तों को करें, अल्लाह-मियां सोझ | अल्लाह-मियां सोझ, कुकर्मी फल पायेगा | मिली बहन अनजान, खुदा खुशियाँ लाएगा | पतित-उधारन बहन, बनी वो निर्मल-गंगा | उसका जीवन धन्य, मरे ये पतित-पतंगा ||
    21 Oct 2011, 1752 hrs IST

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  5. बहुत सुन्दर..

    दीवाली की शुभकामनायें!!

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  6. खेदजनक एवं निंदनीय घटना है।
    आप सब को भी दीपावली पर्वों की हार्दिक बधाइयाँ।

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  7. बहुत सुंदर !
    दीपावली पर आपको और परिवार को हार्दिक मंगल कामनाएं !
    सादर !

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  8. पञ्च दिवसीय दीपोत्सव पर आप को हार्दिक शुभकामनाएं ! ईश्वर आपको और आपके कुटुंब को संपन्न व स्वस्थ रखें !
    ***************************************************

    "आइये प्रदुषण मुक्त दिवाली मनाएं, पटाखे ना चलायें"

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