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20 October, 2011

मना रहा उल्लास, जीत की देश लीबिया

लीबिया आजाद  हुआ,  गद्दाफी  को  गोद |
कई कब्र की जुल्म से, अब तक माटी ओद |

अब तक माटी ओद, राक्षस कातिल ढोंगी |
जीना किया हराम, हरम जस धरती भोगी |

कर रविकर आभार, झूमती सभी बीबियाँ |
मना रहा उल्लास, जीत  की  देश  लीबिया ||

7 comments:

  1. नवभारत टाइम्स में -

    पाठको की राय
    हमले में कर्नल गद्दाफी की मौत, लीबिया में जश्न

    123456
    RAVIKAR,ISM DHANBAD,का कहना है:लीबिया आजाद� हुआ,� गद्दाफी� को� गोद |कई कब्र की जुल्म से, अब तक माटी ओद | अब तक माटी ओद, राक्षस कातिल ढोंगी |जीना किया हराम, हरम जस धरती भोगी | कर रविकर आभार, झूमती सभी बीबियाँ |मना रहा उल्लास, जीत� की� देश� लीबिया ||
    21 Oct 2011, 1027 hrs IST

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  2. बहुत सुन्दर लिखा है आपने बधाई

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  3. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  4. “अंत अति का होता है, सम नहीं सारे दिन
    फिर भी जीवन भर यहाँ, मनुष्य कमाए *सिन”

    अच्छी अभिव्यक्ति... अंतिम दृश्य विचलित करता है...

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  5. कर रविकर आभार, झूमती सभी बीबियाँ |
    मना रहा उल्लास, जीत की देश लीबिया ||

    बहुत हि सुन्दर रचना!

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