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23 January, 2012

नारी मन इन नार्वे--

 न्यूज़-नार्वे सरकार ने भारतीय माँ बाप से बच्चे छीने !!

नारी मन इन नार्वे,  तन है एक मशीन ।
नर-नारी तन भारती, दीन हीन गमगीन ।

दीन हीन गमगीन, दूर से ताको बच्चा।
 छीनेगी सरकार, करे गर करतब कच्चा  ।

साथ सुलाए बाप, खिला दे गर महतारी ।
गलत परवरिश भांप, रोय नर हारे नारी ।।


भारत की नारी करे, पल-पल अद्भुत त्याग ।
थपकी देकर दे सुला, दुग्ध अमिय अनुराग।

दुग्ध अमिय अनुराग, नार्वे की महतारी ।
पुत्र सोय गर साथ, नींद बिन रात गुजारी ।

कह रविकर परवरिश, सदा ही श्रेष्ठ हमारी।
ममता से भरपूर, पूज भारत की नारी ।।

9 comments:

  1. सही है ...भारत की नारी पूजनीय तो हैं ही

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  2. नार्वे में भी तो बेचारी वो भारतीय नारी ही थी ... जो हाथ से खिला रही थी अपने बच्चे को ..

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  3. रविकर जी आखिर वहाँ का कानून क्या और कैसे खाना खाने की आज्ञा देता है?

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  4. बहुत ही सही कहा आपने...क्या संस्कृति है इनकी, आश्चर्य होता है...

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  5. बिलकुल ठीक - तभी तो हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होता है.

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  6. संस्कृति का फर्क है या कुछ और ...

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  7. हमे गर्व है अपने संस्कृति पर बहुत सुंदर प्रस्तुति,

    WELCOME TO NEW POST --26 जनवरी आया है....

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए.....

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  8. बहुत सुंदर लिखा है आपने ..

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  9. बिल्कुल सही फ़रमाया जनाब।

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