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15 March, 2012

हर्षित हिन्द अपार, बहू इक औरो आई--

" जीवन की आपाधापी "

पर 
मेरी टिप्पणी 
Veena Malik Hot Picture
सोलह आने सत्य है, बात बड़ी दमदार ।
सोलह में से यह बड़ा, संस्कार  इस पार ।

संस्कार इस पार, बजे 'वीणा' शहनाई ।
हर्षित हिन्द अपार, बहू इक औरो आई ।

गई सानिया एक, बधाई लो अनजाने ।
पाक सोनिया आय, धाक हो सोलह आने ।। 

6 comments:

  1. beti ke samman par rakhen sabhi nighahen,
    bahu ko koi izzat kyon n dena chahe.
    sundar prastuti.

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  2. :-)

    बहुत खूब रविकर जी..

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  3. बहुत खूब रविकर जी..

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  4. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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