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06 April, 2012

गरम गरम तासीर, बदन में आग लगाईं --

विषय बोल्ड है --

खरा गोल्ड है ।।

टिप्पणी जो  बोल्ड विषय पर करने से 
डर गया  रविकर -
दुबारा गौर करने पर निरर्थक लगी यह टिप्पणी
कहीं भी  दुबारा पंगा नहीं लेना था ।।

गौर फरमाएं--

पाका पहली मर्तबा,  लेकर दूध-पनीर ।
चमचे ने धोखा दिया, गिरी हीर पर खीर ।

Kheer - The World's Yummiest One!. Photo by Chef #1131126

गिरी हीर पर खीर, नहीं गाढ़ी हो पाई ।
गरम गरम तासीर, बदन में आग लगाईं ।

तेरा भी कुछ दोष, चमकता रहा बुलाका ।
था दिन भर अफ़सोस, दुबारा बढ़िया पाका ।।

1 comment:

  1. गिरी हीर पर खीर, नहीं गाढ़ी हो पाई

    beautiful poem

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