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29 November, 2012

जग में नाम कमाय, बने नहिं कक्षा संसद -




 सबक सिखाना शिक्षिका, छात्र नहीं डर जाय ।
बढे आत्म-विश्वास धी, जग में नाम कमाय ।


जग में नाम कमाय, बने नहिं कक्षा संसद ।
पटक पटक सिर जाय, नहीं पूरा हो मकसद ।


कर जन-गन का अहित, सम्पदा स्वयं बढ़ाना ।
   चोर हुवे कुतवाल, जरुरी सबक सिखाना ।।

2 comments:

  1. Behatar sabdo ka prayog lajwab Rachna

    thank you for your lovely comment on my blog sir ,
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  2. सबक सिखाना शिक्षिका, छात्र नहीं डर जाय ।
    बढे आत्म-विश्वास धी, जग में नाम कमाय ।


    जग में नाम कमाय, बने नहिं कक्षा संसद ।
    पटक पटक सिर जाय, नहीं पूरा हो मकसद

    बहुत बढ़िया तंज .दोहा शिखर बैठक रिपोर्ट के शीर्ष पर है आपकी अर्थ पूर्ण टिपण्णी .देखें पोस्ट .शुक्रिया .

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