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23 January, 2013

चाक़ू पाकर गोपियाँ, काटें कामुक-चाल -





उद्धव द्वापर में व्यथित, फिर आये कलिकाल ।
चाक़ू पाकर गोपियाँ, काटें कामुक-चाल ।

काटें कामुक-चाल, श्याम भी अब घबराए ।
खुद को रहे सँभाल, नहीं यमुना तट जाए ।

*भौमासुर अपहरित, हजारों बाला माधव 
बंधन से आजाद, कराओगे कब उद्धव ??
*सोलह हजार राजकुमारियों को बंधक बनाने वाला 
  

चाकू रखती गोपियाँ, शिवसेना दे बाँट |
नहीं  जोहती बाट अब, सीधे देती काट |
सीधे देती काट , कृष्ण छल-रूप सुधारो |
छेड़छाड़ अपराध, सीटियों यूँ न मारो |
डाल जींस टी-शर्ट, बनो न कृष्ण हलाकू |
मनमोहन गर मौन, चलाये ममता चाकू ||

 

3 comments:

  1. तन से नहीं मन से बंधक बनाने वाला !

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  2. नया कानून आ रहा है ,कृष्ण को संभल कर सिटी बजाना है.

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