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10 February, 2013

सत्ता-तिर्यल पायके, ठगे कार्य-विधि-न्याय -


 सत्ता मद यह हेकड़ी, पैदा कर हालात ।
संवैधानिक पोस्ट को, दिखा रहे औकात ।
दिखा रहे औकात, लगाते मुख पर ताला  ।
खुद करते बकवाद, और पाते पद आला ।
मौसेरे यह चोर, बताते सबको धत्ता ।
लुटते रोज करोड़, मौज में छक्का सत्ता ।।





 सत्तावन जो कर रहे,  जोड़ा बावन ताश ।
चौका (4) दे जन-पथ महल, *अट्ठा(8) पट्ठा पास । 

सत्तावन=ग्रुप ऑफ़ मिनिस--              अट्ठा= कूट-नैतिक सलाह---
पट्ठा =  जवान-लड़का              सिंह इज किंग 
अट्ठा(8) पट्ठा पास, किंग(K) पंजा(5) से दहला(10)
रानी(Q)नहला(9)जैक(J), देख 
छक्का(6) मन बहला । 

  


नहला=ताजपोशी के लिए नहलाना 
  दुक्की(2) तिग्गी(3)ट्रम्प, हिला ना *पाया-पत्ता ।
खड़ा ताश का महल, चढ़े इक्के(A) पे सत्ता (7)।।
*खम्भा 



 पुतले बावन कार्ड के, इक जोकर पा जाय ।
सत्ता-तिर्यल पायके,  ठगे कार्य-विधि-न्याय ।
ठगे कार्य-विधि-न्याय, किंग बेगम के गुल्लू ।
दिग्गी छक्के फोर, बनाते घूमे उल्लू ।
काला सा ला देख, करा ले शो तो पगले ।
जीतें इक्के तीन, हार जाएँ सब पुतले ।।

परसेंटेज का कर रहा, खुलकर खेल खबीस ।
 ग्रोथ-रेट बस पाँच की, मिले कमीशन बीस ।
मिले कमीशन बीस, रीस मन ही मन करता ।
फिफ्टी फिफ्टी बंटे, अभी तो बहुत अखरता ।
खेत खान विकलांग, सभी का बढ़ा पेट है ।
चलो खरीदो वोट,  बोल क्या ग्रोथ रेट है -

8 comments:

  1. बहुत सुन्दर व्यंग सर जी ** परसेंटेज का कर रहा, खुलकर खेल खबीस ।
    ग्रोथ-रेट बस पाँच की, मिले कमीशन बीस ।
    मिले कमीशन बीस, रीस मन ही मन करता ।
    फिफ्टी फिफ्टी बंटे, अभी तो बहुत अखरता ।
    खेत खान विकलांग, सभी का बढ़ा पेट है ।
    चलो खरीदो वोट, बोल क्या ग्रोथ रेट है -

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  2. faila sare jag me yahi maya jal ,
    jisko dekho uska yahan aisa hi hai hal ,
    aisa hi hai hal chhudeyen chchakke sabke ,
    desh kee sachchi bhakti se sab neta bhatke .
    .सराहनीय अभिव्यक्ति संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करें कैग आप भी जाने अफ़रोज़ ,कसाब-कॉंग्रेस के गले की फांस

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  3. रविकर भाई आपकी कुंडलीकृत काव्यात्मक रूपकात्मक टिप्पणियाँ ब्लॉग जगत की शान और मान दोनों हैं .आभार आपका .स्पेम में से निकालें टिप्पणियाँ .

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  4. रविकर भाई आपकी कुंडलीकृत काव्यात्मक रूपकात्मक टिप्पणियाँ ब्लॉग जगत की शान और मान दोनों हैं .आभार आपका .स्पेम में से निकालें टिप्पणियाँ .

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  5. बहुत सुंदर .बेह्तरीन अभिव्यक्ति !शुभकामनायें.

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  6. सशक्त रूपकात्मक अभिव्यक्ति सर जी .जबरजस्त .

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