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17 April, 2013

ठोको कील शकील के, बके बयान कमाल-

धमाचौकड़ी धमाके, माँ के बाँके लाल । 
ठोको कील शकील के, बके बयान कमाल । 

बके बयान कमाल, माल से वोट कमाओ । 
धरा खून से लाल, लाल पी एम् बनवाओ । 

समझौता नक्सली, दोस्त आतंकी आओ । 
मारो पब्लिक धूर्त, दुबारा चलो जिताओ ॥ 

7 comments:

  1. आपकी यह प्रस्तुति कल के चर्चा मंच पर है
    कृपया पधारें

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  2. बढ़िया तमाचा मारा है विदेशवा को .

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  3. वाह! शानदार |

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  4. सुंदर एवं भावपूर्ण रचना...

    आप की ये रचना 19-04-2013 यानी आने वाले शुकरवार की नई पुरानी हलचल
    पर लिंक की जा रही है। सूचनार्थ।
    आप भी इस हलचल में शामिल होकर इस की शोभा बढ़ाना।

    मिलते हैं फिर शुकरवार को आप की इस रचना के साथ।

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  5. बेहतरीन प्रस्तुति !!
    पधारें बेटियाँ ...

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