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18 July, 2013

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा -


आधा बेंचा खेत तो, पूरा किया दहेज़* |
आधा बाँटे बहन फिर, स्वर्ग पिता* को भेज |

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा |
बाँटी आधा माल, करे फिर ब्याह दुबारा |

रविकर नौ मन तेल, नहीं नाचे फिर राधा |
हुवे पुरुष कुल फेल, सफल होता इक-आधा ||

*नए कानूनों के परिप्रेक्ष्य में -

10 comments:

  1. वाह... उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

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  2. विचारणीय छंद....बेहतरीन ....

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  3. हाँ कही कही इन कानूनों का दुरूपयोग हो रहा है जो विचारणीय है अच्छे सामयिक विषय पर लिखा आदरणीय बधाई

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  4. सुंदर !
    वैसे स्वर्ग जाना अच्छा नहीं है क्या?

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  5. sudar......arthaparak.....wah

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  6. क्या बात है दोस्त इसे कहते हैं तदानुभूत लेखन .भोगा किसी ने लिखा आपने पीड़ा के सहभोक्ता आप भी रहे .

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