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13 September, 2013

नागिन जब लेती लगा, जबरदस्त दो पंख -

ढले एक टकसाल के, 
गिरते गए समान । 
पहला गिरके खनकता,
दूजे को नहिं भान-    
थमो थमो दोनों थमो । 

झुके झुके लेते चुरा,
एम् बी ए अब ऊंट ।
छली बली बाजार है, 
बिके कान का खूंट -
रमो रमो तुम भी रमो ॥ 

नागिन जब लेती लगा,
जबरदस्त दो पंख । 
सिक्युरिटी बिल की मिली  
रहो बजाते शंख -
नमो नमो भज मन नमो ॥ 

गुजराती ताला भला, 
लगा रहे किस ठौर । 
अरहर की टट्टी खड़ी -
किया कभी क्या गौर -
जमो जमो तुम ही जमो ॥ 






10 comments:

  1. बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुती,आभार आदरणीय ।

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  2. गुजराती ताला भला,
    लगा रहे किस ठौर ।
    अरहर की टट्टी खड़ी -
    किया कभी क्या गौर -
    जमो जमो तुम ही जमो ॥

    ॐ नामो नामो जप नामो नामो

    कह नामो नामो ,सुन नामो नामो .

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  3. वाह जी वाह .. मज़ा आ गया इस गीत का ... जय हो ...

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  4. वाकई बेहतर प्रतिक्रया है.

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  5. समझ में ना आये तो क्या किया जाये
    एक तो रुपया गिरता है दूजा नेता का चरित्र।

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  6. वाह!..वाह!...वाह!...

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  7. वाह!..वाह!...वाह!...

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