Follow by Email

10 September, 2013

गई शक्ति-मिल दुष्ट क्लीव को -

  •  नहा खून से हर हर गंगे |
  • बहा खून ले, दर दर दंगे |
  • भंग व्यवस्था लंगु प्रशासन 
  • सड़कों पर दुर्दांत लफंगे । 

  • जब मारक आघात करें | बोलो किसकी बात करें ॥ 

  • जहाँ प्रवंचक प्रवचन करते । 
  • श्रोता मकु तरते ना तरते । 
  • लम्बी चौड़ी हांक हांक के 
  • दारुण दुःख हरते ना हरते -

  • हरते सिया बलात धरें । बोलो किसकी बात करें ॥ 

  • करें दिल्लगी दिल्ली वाले । 
  • उजला देह कलेजा काले । 
  • इक थैली के चट्टे  बट्टे -
  • करके वादे काम निकाले -

  • असहनीय हालात करें । बोलो किसकी बात करें ॥ 

  • नहीं डराती जेल-सलाखें 
  • कन्याओं को घूरें आँखें । 
  • गई शक्ति-मिल दुष्ट क्लीव को 
  • चाहे जितना चीखें चाखें -

  • मनचाहा उत्पात करें । बोलो किसकी बात करें ॥ 

5 comments:

  1. सुन्दर और सटीक प्रस्तुति !!

    ReplyDelete
  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल गुरुवार (12-09-2013) को "ब्लॉग प्रसारण : अंक 114" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

    ReplyDelete
  3. वाकई दुष्‍ट को शक्ति मिल गई है और वो इसका गलत प्रयोग कर रहा है।

    ReplyDelete
  4. बहुत खूब आभार

    ReplyDelete