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19 September, 2013

मुर्गे बड़े सुकून में, जब से मँहगा प्याज-

मुर्गे बड़े सुकून में, जब से मँहगा प्याज |
झटके और हलाल से, मनुज मिटाते खाज |

मनुज मिटाते खाज, मुजफ्फर नगर बना के |
बिन हर्रे फिटकरी, प्याज बिन पर्व मना के |

पाते बेहतर स्वाद, लड़ाके रविकर गुर्गे |
नेताओं को दाद, बांग दे देते मुर्गे ||


2 comments:

  1. बहुत अच्‍छे।

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  2. कु कुड़ू कूं !
    बहुत खूब !

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