Follow by Email

30 September, 2013

बा-शिन्दे अभिमत यही, अंडे लेना छाँट -

बंडे-आलू काट झट, गृह मंत्री की डांट |
बा-शिन्दे अभिमत यही, अंडे लेना छाँट |

अंडे लेना छाँट, अगर दागी है फेंको |
हों मुर्गी के ठाठ, रास्ता मत ही छेंको | 

अब सत्ता की *पोच, बना देंगे ये अंडे |
नमो नमो का मन्त्र, जपें क्यूंकि बरबंडे -
*आमलेट की तरह का एक अंडा डिश

7 comments:

  1. आपकी लिखी रचना की ये चन्द पंक्तियाँ.........
    बंडे-आलू काट झट, गृह मंत्री की डांट |
    बा-शिन्दे अभिमत यही, अंडे लेना छाँट |

    बुधवार 02/10/2013 को
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
    को आलोकित करेगी.... आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    लिंक में आपका स्वागत है ..........धन्यवाद!

    ReplyDelete
  2. आनंद ही आनंद भाई जी ..
    सादर !

    ReplyDelete
  3. नमस्कार जी
    आपकी यह रचना कल बुधवार (02-10-2013) को ब्लॉग प्रसारण : 134 पर लिंक की गई है कृपया पधारें.
    सादर
    सरिता भाटिया

    ReplyDelete
  4. क्या बात है रविकर भाई

    अब सत्ता की *पोच, बना देंगे ये अंडे |
    नमो नमो का मन्त्र, जपें क्यूंकि बरबंडे -

    ॐ नमो -शिवाय,नमो आये शिवाय .

    ReplyDelete
  5. अब सत्ता की *पोच, बना देंगे ये अंडे |
    नमो नमो का मन्त्र, जपें क्यूंकि बरबंडे.. बहुत सुन्दर लिखा है, पर अब ............................
    लाख जपें मुर्गी मुर्गी या खाएं अंडे ..
    अबकी तो तय है इन्हें मिलेंगे अंडे ...
    अन्डो पर रोक है सब्जी काटो बेरोक
    जो जी में आये कर रहे नहीं रहा कोई टोक
    उम्मीद है इनको अन्डो का वोट मिले थोक .. .... :)

    ReplyDelete
  6. वहह क्या बात है ..
    अब सत्ता की *पोच, बना देंगे ये अंडे |
    सुन्दर व्यंग ..:)

    ReplyDelete