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08 October, 2013

दे लालू पर दाग, दगा दे दहुँदिश दरजी-

दरजी दहुँदिश दर्जनों, कैंची सरिस जुबान |
काट-छाँट में रत मगर, मुखड़े पर मुस्कान |

मुखड़े पर मुस्कान, दिखी खुदगर्जी घातक |
रविकर नाक घुसेड, थोपते मर्जी पातक |

सी बी आई तेज, मुलायम माया गरजी |
दे लालू पर दाग, दगा दे दहुँदिश दरजी ||

5 comments:


  1. सी बी आई तेज, मुलायम माया गरजी |
    दे लालू पर दाग, दगा दे दहुँदिश दरजी ||

    क्या बता सर जी कमाल देखिये खोता सिक्का भी चलने लगा ,

    सी बी आई काम भी करती है .

    विरोधियों का शमशान(राजनीतिक ) भी रचती है .

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  2. सदैव की भाँति .....उत्कृष्ट !! आभार।

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  3. जयराम हुए बकैती के इस बार रमेशाधीश
    दर्जी, दर्जा करते राजनेता बने खबरनवीश

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  4. झूठ के होते नहीं हैं पाँव -रखलो गांठ में ,

    सब मुखौटे एक दिन गिर जायेंगे।

    भैंस का चारा कभी पचता नहीं।

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  5. चलिये आखिर लालूजी पहुंच गये जहाँ पहुंचना था।

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