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26 November, 2013

आम आदमी सा धरे, जहाँ पार्टी नाम-


एकाकी उस नाम से, औरत का क्या काम |
आम आदमी सा धरे, जहाँ पार्टी नाम |

जहाँ पार्टी नाम, कटे आधी आबादी |
रहें साथ कुछ ख़ास, ख़ास कुछ अम्मा दादी |

बदल आदमी सोच, उपेक्षा है अबला की |
मारे पंजा खोंच, उधर न जाए काकी ||

7 comments:

  1. क्‍या बात है, दमदार।

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  2. क्या मुर्गा अंडा देता हे जरा इसे देखें ..
    http://chirkutpapu.blogspot.in/2013/11/murgi-jokes-kal-se-sbko-do-do-ande-dene.html

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  3. नहीं रविकर जी ..यह अर्थ-अनर्थ है ....इस पार्टी के .नाम में आदमी का अर्थ ----लिंग भाव से परे .....जाति भाव है .....
    --- जब कहा जाता है कि महंगाई में आदमी क्या करे, क्या खाए ....तो समस्त मानव जाति का बोध होता है .... नृवंश का इतिहास ...आदि जाति बोधक हैं ...आदमी शब्द आदम से आया है इसका अर्थ सिर्फ पुरुष नहीं है .....
    --- अलग अलग यह थोड़े ही कहा जाता है कि...आदमी क्या खाए ...औरत क्या खाए ...फिर बच्चा क्या खाए, घोड़ा क्या खाए..घोडी क्या खाए.... क्या खाए ....

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    1. आदरणीय -
      मात्र हास्य के लिए के लिए है रचना-
      गोमती नगर कि एक नेत्री ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है-
      बस वहीँ यह टिप्पणी लगाईं थी-
      सादर

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