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14 February, 2016

सोओ मत सरकार, बनाओ नहीं बहाना-

(1)
नहीं बहाना है हमें, निर्दोषों का रक्त।
किन्तु बचे गद्दार क्यूँ, बिता रहे क्यूँ वक्त।
बिता रहे क्यूँ वक्त, पकड़ कर इनको लाओ।
विधि विधान जब शख्त, मुक़दमे झट निपटाओ।
बचें नहीं गद्दार, समर्थक इनके नाना।
सोओ मत सरकार, बनाओ नहीं बहाना।।

(2)
उत्तेजक नारे लगा, बच जाये बेदाग।
दोषारोपण अन्य पर, करे लगाकर आग।
करे लगाकर आग, कहानी वोट बैंक की। 
ये पाकी गद्दार, सुवर नालायक कुत्ते।
हुवे विपक्षी एक, और रविकर एकाकी।
नहीं क्षमा के पात्र, नहीं हैं सीधे उत्ते।।

(3)
पाले-पोसे जन्म दे, पैलौठी का लाल।
तिल-तिल जो गलती रही, उस से करे सवाल।
उस से करे सवाल, चला दे माँ पर ढेले। 
पढ़कर एक किताब, शत्रु के हाथों खेले।
करे जंग की बात, सतत अपशब्द निकाले। 
देंगे हम मुँहतोड़, उसी माँ के हम पाले।

(4)
गतिविधियाँ आतंक की, जे एन यू में नित्य।
देश द्रोहिता चरम पर, शर्मनाक ये कृत्य।
शर्मनाक यह कृत्य, सबक इनको सिखलाओ ।
कहते जिन्हें शहीद, इन्हें उनतक पहुँचाओ।
सरकारी संज्ञान, अन्यथा जनता रक्षति।

राष्ट्रभक्त तैयार, करे हम इनकी दुर्गति।

1 comment:

  1. बहुत सही। यह तो झूट को सच साबित करने के लिये बारंबार झूट पीटते रहने वालों में हैं।

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