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31 March, 2012

फेस सेम-टू-सेम, दिखे उल्लू सा कल्लू-

मूर्ख-दिवस 

कल्लू कौआ अति-सुबह, कहे मुबारक मित्र ।
हंसी उडाता जा रहा, हरकत करे विचित्र । 
American Crow - Corvus brachyrhynchos
हरकत करे विचित्र, कहे दिन तेरा भोंदे ।
पा लल्लू का गिफ्ट, सुबह गू-गोबर खोदे । 

और शाम तक सात, बार बन बैठा उल्लू ।
फेस सेम-टू-सेम, दिखे खुद मुझ सा कल्लू ।।
Elf Owl - Micrathene whitneyi

13 comments:

  1. रविकर जी देखिए तो जरा....
    अरे यह क्या रहा है आज!
    उच्चारण क्लिक करता हूँ तो
    रविकर खुल जाता है....
    हाहाहाहाहाहाहा..........
    सुप्रभात...! रामनवमी के साथ-साथ अन्तर्राष्टीय मूर्ख दिवस की बधाई भी स्वीकार करें।

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  2. कभी-कभी कौवे और उल्लू भी अच्छे लगते हैं...!

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...
    आपकी यह प्रविष्टि कल दिनांक 02-04-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर लिंक की जा रही है। सूचनार्थ

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  4. भई वाह ... सामयिक छंद ... मज़ा आ गया ..

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  5. फेस सेम-टू-सेम, दिखे खुद मुझ सा कल्लू । हा हा हा ।
    मूर्खदिवस की बधाई !!!!

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  6. कल्लू कौआ अति-सुबह, कहे मुबारक मित्र ।
    हंसी उडाता जा रहा, हरकत करे विचित्र ।ati sundar....

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    Replies
    1. आज सुबह पांच बजे का हाल है |
      आज तो दिन में भी उल्लू दिख रहे हैं / बन रहे हैं |
      अन्य दिनों में तो बेचारे दिन में दीखते ही नहीं ||

      सादर

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  7. उल्लू रोज होते हैं दिखते भी हैं रोज
    हमें याद रखेंगे तो नहीं करेंगे खोज
    नहीं करेंगे खोज और कविता बनायेंगे
    कौवे भी हैं पास उनसे भी मिल पायेंगे।

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  8. शाम तक सात, बार बन बैठा उल्लू ।
    फेस सेम-टू-सेम, दिखे खुद मुझ सा कल्लू ।।
    बहुत खूब लिखा है आपने ... बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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  9. कौंवे उल्लू आज हैं, आस पास से लुप्त।
    एक ठिकाना सुना हैं, दिल्ली मे है गुप्त।।

    सादर :))

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  10. कल्लू कौआ अति-सुबह, कहे मुबारक मित्र ।
    हंसी उडाता जा रहा, हरकत करे विचित्र ।

    बहुत मजेदार.

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