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19 March, 2017

चक्का योगी का चले-


Yogi Adityanath
(1)

योगी मोदी अटल जी, क्वाँरे करते राज।
राहुल पर करते तभी, ये कांग्रेसी नाज।
ये काँग्रेसी नाज, ताज पर नही मिला है।
मिटे न रविकर खाज, आत्मविश्वास हिला है।
मनोकामना पूर्ण, कहाँ शिव-गौरी होगी।
मोदी मोदी तत्र, अत्र अब योगी योगी।।
(2)
सकते में है दुष्टता, किंकर्तव्य-विमूढ़ ।
सज्जनता हर्षित दिखे, योगी सत्तारूढ़।
योगी सत्तारूढ़, भाग्य भारत के जागे।
भेदभाव-भय भूल, बढ़ेगा यू पी आगे।
गेरुवा कपड़ा देख, साँढ़ तो रहे बिदकते।
एक घाट पर जीव, किन्तु पानी पी सकते।।

(3)

चक्का योगी का चले, चक्का चले महेश।

केशव चक्का भी बढ़े, अॉटो रिक्शा पेश।
अॉटो रिक्शा पेश, बड़ा मजबूत बनाया।
उत्तम बने प्रदेश, रेस क्या खूब लगाया।
अनाचार भय भूख, खड़ा है हक्का बक्का।
भागा भ्रष्टाचार, वक्त का चलता चक्का।।

(4)

ढोंगी पाखण्डी डरे, मरे लुटेरे चोर।

सत्ता अलबत्ता कहे, हुई नही है भोर।
हुई नही है भोर, रात अब बीत रही है।
सज्जन रहे अगोर, यही तो वक्त सही है।
चमक रहा आदित्य, नाथ यू पी का योगी।
माँ को डायन बोल, बचे क्या आजम ढोंगी।।


डोरे डाले डाकिनी, मनभावन मुस्कान |
आलिंगन चुम्बन करे, ले ले लेकिन जान |
ले ले लेकिन जान, जान गठबंधन पक्का |
दे हरिनाम विसार, जमाना हक्का बक्का |
कर सोलह श्रृंगार, सवेरे खीस निपोरे |

फिर रविकर को मार, डालती फिर-फिर डोरे ||